Friday, September 2, 2011

उफ्फ ये बदलते रिश्ते....


आज-कल के ये बदलते रिश्ते,
बहुत से दिल कुचल जाते हैं I
कुछ को तो फर्क ही नहीं पड़ता,
पर कुछ जी भी नही पाते हैं I
क्यों बनाते हैं वो रिश्ते जो पल में टूट जाते हैं,
कुछ के लिए आंसू तो कुछ के लिए याद बन जाते हैं I
बिखरे रिश्तो की बस एक ही परेशानी है,
एक टूटा दिल है और आँखों में पानी है I
सूख जाती है आँखे, बिखर जाते हैं सपने,
बदलते रिश्तो की बस ये ही कहानी है I

Monday, July 4, 2011

दिल का रिश्ता.....


काश वो फिर एक बार मिल जाये मुझे,
मैं फिर उसकी चाहत में तड़पना चाहता हूँ.
लगाकर उसको अपने सीने से,
अपने दिल में कहीं छुपाना चाहता हूँ.
वो छू ले मुझे एक बार प्यार से,
मैं फूल बनकर बिखर जाने चाहता हूँ.
मौत भी न जुदा कर पाए उससे मुझे,
मैं मरकर भी उसका साथ निभाना चाहता हूँ.

Saturday, May 21, 2011

दोस्ती

किसी के ख्यालो में दिल ऐसे खो जाता है,
पता ही नहीं चलता कब किसका हो जाता है
मिल जाते हैं जिन्दगी में कुछ ऐसे लोग भी,
जिनके बिना जीना भी दुस्वार हो जाता है
तकलीफ तो तब होती जब वो छोड़ के जाता है,
उसकी यादो के सहारे पूरा दिन गुजर जाता है,
रात को नींद नहीं आती, दिन को चैन नहीं आता है।
उसकी यादो से दिल उभर नहीं पाता है।
क्या है ये रिश्ता, क्या है ये बंधन,
ये है दोस्ती का रिश्ता जो है सबसे बढ़कर,
जिसका कोई दोस्त नहीं वो दुनिया में बेकार में ही आता है

Friday, May 6, 2011

वो भी याद करेंगे......


जब वो लोगो से जख्म खायेंगे,
देख लेना उन्हें हम याद आयेंगे
जो खुश थे हम से दूर रह कर,
एक दिन वो हमें पास बुलायेंगे
जो रोशन करते थे हमारे घर को,
एक दिन अंधेरो में कहीं खो जायेंगे
जब वो खायेंगे लोगो से धोखा,
तब उन्हें हमपर किये सितम याद आयेंगे
मुझे विश्वास है वो बुलाएँगे हमें एक दिन,
और हम इस दुनिया से चले जायेंगे

दिल में है वो.....


मेरे दिल में यह एहसास रहता है,
कोई तो है जो हमारे पास रहता है
नींद नहीं है अब हमारी आँखों में,
कोई हमारी आँखों में रहता है
रोज मिलते हैं हम उससे रात को,
जब वह हमारे सपनो में आता है
जिधर भी देखते हैं इस जमीं को,
बस आपका चेहरा ही नजर आता है
खो गए हैं हमारी आँखों के आंसू,
हमेश कोई हमें हंसाता रहता है
जब सुनते हैं अपने दिल की धडकनों को,
हमें बारिस आने का एहसास होता है
भीगे रहते हैं किसी के ख्यालो में,
क्यूंकि कोई हमारे दिल में रहता है.

Thursday, April 14, 2011

ख्वाब


उसके गले में थी मोतियों की माला,
जैसे किसी ने चाँद को बींध डाला
हाथो में चूड़ी, कानो में बाली, माथे पर थी बिंदिया,
जैसे चुरा लेगी हर किसी की निंदिया
उसके होठ थे फूल जैसे गुलाबी,
कोई देखे तो हो जाये शराबी
उसके गालो पे थी गजब की लाली,
जैसे कोई खून की हो प्याली
उसकी आँखों में छाया था नशा,
की कोई भी होश कायम रख सका
गौरे तन पर था लाल रंग का जोड़ा,
जैसे चाँद ने रौशनी को ओढ़ा
पास आई तो मैं उसकी आँखों में खो गया,
जहाँ था खड़ा वही पर सो गया
जब जागा तो पता चला इस बात का,
जो देखा था वो सब एक ख्वाब था

एसास

इस दिल ने भी क्या क्या सपने सजाए हैं,
जब भी होती है कोई आवाज हम सोचते हैं - आप आए हैं
दुनिया में हंसी और भी होंगे, फिर भी आप हमारे दिल को भाए हैं
रौशनी की जरूरत नहीं है अब हमारे घर को,
हमने अपने घर को तुम्हारी तस्वीरों से सजाए हैं

Monday, March 7, 2011

खाली खाली सा दिल......


जाने क्यों दिल आज तनहा है,
जाने क्यों दिल आज उदास है
दिल है आज खाली खाली सा,
जबकि सबकुछ मेरे पास है,
क्यूँ ये इस तरह परेशां है,
क्यूँ ये इस तरह बेचैन है,
क्या है वजह इसकी,
कैसा ये एहसास है
दिल है खाली खली सा,
दिल
आज उदास है,